
बिहार: मुजफ्फरपुर: पारू के सरमस्तपुर ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक लाल बहादुर सिंह की हत्या ठीक सालभर पहले हुई थी। मगर आज तक पुलिस अपराधियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। इससे खिन्न यूनियन सदस्यों ने जिलाधिकारी से फरियाद करने व आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया।
उक्त बातें रविवार को स्थानीय होटल के सभागार में उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस व इंप्लाइज कांग्रेस द्वारा आयोजित लाल बहादुर सिंह की श्रद्घांजलि सभा में वक्ताओं ने कही। इस घटना की सीबीआइ जांच की कराने व उनके आश्रितों को नौकरी व उचित मुआवजे देने संबंधी ज्ञापन सोमवार को डीएम को सौंपा जाएगा। अगर इन मांगों को एक माह के अंदर पूरा नहीं किया गया तो 8 अगस्त को जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष विशाल धरना का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 18 जिलों के यूनियन सदस्य शामिल होंगे।
बैठक में ऑफिसर्स कांग्रेस के महासचिव अरुण कुमार सिंह व इंप्लाइज कांग्रेस महासचिव शम्स नावेद, राम उचित सिंह, उमेश्वर प्रसाद सिंह, नरेंद्र मिश्र, सुकदेव राम, तारकेश्वर प्रसाद, रघुनाथ साह, राजेंद्र भगत, हरिनारायण यादव, वीरेंद्र, शंभू शरण सिंह, मिथिलेश कुमार सिंह ने विचार रखे।
कैसे हुई थी हत्या
- आठ जुलाई को 2011 को बैंक से निकलने बाद हुआ था अपहरण, शनिवार बैंक नहीं खुला था।
- दस जुलाई को क्षेत्रीय कार्यालय से अधिकारी व उनके परिजन पहुंचे सरमस्तपुर शाखा। दुर्गध मिलने के बाद पुलिस मौजूदगी में खुला बैंक।
- अंदर जाने के बाद कैशियर केबिन में गमछे से लटका था शव, पोस्टमार्टम में पता चला की आठ जुलाई को ही पीट-पीट कर हुई थी हत्या।