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बिहार का इतिहास

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बिहार का इतिहास 3000 साल पुराना है । यहाँ मौजूद ऐतिहासिक स्मारक इस बात की गवाही देते हैं।

नालंदा

ह्यूइन सैंग जब अपनी खोज पूरी कर के 10 साल बाद चीन वापस जा रहे थे तो उनके साथ दो छात्र भी थे। लेकिन नदी में बाढ़ आ गई और नाविक ने उनसे नाव का वज़न कम करने को कहा।

 सैंग किताबें फेंकने को तैयार हो गए लेकिन छात्रों को ये नामंज़ूर था। इसलिए वे दोनों किताबों को बचाने के लिए खुद नदी में कूद गए और अपनी जान दे दी......... ये दोनो नालंदा विश्वविद्यालय के छात्र थे... और ऐसे थे उनके आदर्श...

नालन्दा विश्वविद्यालय दुनिया का सबसे पहला विश्वविद्यालय है जिसकी स्थापना मगध काल में हुई थी।

यहाँ देश विदेश के 10,000 छात्र शिक्षा पाते थे।

बोध गया

गौतम बुद्ध को बोध गया में बोधिसत्व की प्राप्ति हई । इसलिए माना गया कि बौद्ध धर्म का जन्म बिहार में हुआ।

(महाबोधी मंदिर, बोधी वृक्ष, बोध गया)

अन्य पर्यटन स्थल

( यक्षिणि की मूर्ति, पटना संग्रहालय )

मौर्य काल में बनाई गई यक्षिणि की मूर्ति भारत पर यूनानी कला संस्कृति के प्रभाव का एक नमूना है । ये मूर्ति आज भी पटना म्यूज़ियम में सुरक्षित है।

( अशोक के बनाए स्तंभ, वैशाली )

( हरमंदिर साहिब, पटना )

सिक्खों के आखिरी गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म पटना में हुआ और यहीं उनका निर्वाण हुआ । पटना का हरमंदिर साहिब उन्हीं की याद में बनाया गया है जहाँ उनके स्मृति चिन्ह हैं।

 

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